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दलित साहित्य अकादमी ने मनाया बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जयंती, कई विशिष्ट लोग हुए सम्मानित

Neelkanth

मोतिहारी। अशोक वर्मा

भारतीय दलित साहित्य अकादमी, पूर्वी चंपारण द्वारा अवधेश चौक स्थित नर्सिंग होम शिवम सेवा सदन के सभागार में भारतीय संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर अकादमी के प्रदेश
अध्यक्ष जागाराम शास्त्री एवं डॉ कुमकुम सिन्हा ने किया। मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए अकादमी के प्रांतीय अध्यक्ष जागाराम शास्त्री ने कहा कि बाबा साहब का मूल मंत्र शिक्षित बनो, संगठित हो और संघर्ष करो था। इस शक्तिशाली मंत्र को अलग-अलग खेमांे में बांटने में पूंजीवादी व्यवस्था के लोग धीरे-धीरे सफल होते रहे, परिणाम स्वरूप दलित आज भी काफी कमजोर हो करके रह गए हैं। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को मानने वाले एवं चाहने वाले दलित वर्ग के लोगों को इस षड्यंत्र का जवाब देना होगा, क्योंकि जब तक दलित संगठित नहीं होंगे विकास से वंचित हीं रहेंगे। दलित वर्ग से बहुत से लोग आज आगे बढ़े हैं लेकिन अपने पीछड़े हुए भाइयों की सूधी नहीं ले रहे हैं, परिणाम स्वरूप आज भी दलित लोगों का एक बड़ा समूह विकास से वंचित है ।कुछ चालाक लोग सरकार की योजनाओं का लाभ ले लिए लेकिन दलितों की बडी जमात आज भी विकास से वंचित रह गई है। अतः जो लोग भी दलित समाज से आज संपन्न हुए हैं और आगे निकले हैं उन लोगों को इस दिशा में पहल करनी चाहिए। अलग-अलग खेमे में बंटे दलित समाज के संगठनों को एक सूत्र में बांधने का काम उन लोगों को करना चाहिए क्योंकि एकता में ही शक्ति होती है। एकता के बिना संघर्ष करना असंभव है। दलित उत्थान हेतु ब्रिटिश सरकार ने कम्युनल अवार्ड दिया था लेकिन मनुवादियों ने उसे लागू नहीं करने दिया ।जयंती समारोह की अध्यक्षता करते हुए जिला प्रभारी मनोज कुमार अकेला ने कहा कि दलित वर्ग से आने वाले युवा पीढ़ी को संगठित होकर चिंतन मनन करने की आवश्यकता है कि हम कैसे आगे बढ़े और राजनीतिक दलों के पिछलगू ना बने। श्री अकेला ने कहा कि शिक्षा पर ध्यान देते हुए नशाबंदी पर लगाम लगाना होगा। खेद की बात है कि अभी पूर्वी चंपारण के हरसिद्धि विधानसभा अंतर्गत रघुनाथपुर एवं लक्ष्मीपुर इत्यादि गांव में जहरीला शराब पीने से 30 लोगो की मौत हो गई है। इस पर टीम बना कर जांच करने की आवश्यकता है। कार्यक्रम का संचालन करते हुए अकादमी के जिला संयोजक अरुण पासवान ने कहां कि दलित वर्ग के लोग अज्ञानता वश नशाखोरी की चपेट में आज भी फंसे हुए हैं। सरकार की नीति भी सही नहीं होने से दलित समय के पूर्व मौत के आगोश में समा जा रहे है। हमें संगठित होकर नशा मुक्ति जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है । जयंती समारोह के स्वागताध्यक्ष डॉ कुमकुम कुमारी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि सरकारी कानून को अमल में लाने हेतु दलित साहित्य अकादमी जैसे संगठन को आगे बढ़कर काम करना होगा। संबोधित करने वालों में डॉ श्याम बाबू कुमार, महिला सेल की जिला संयोजक हीरामुनिपासवान ,रामप्रवेश कुमार, राम प्रसाद पासवान ,रवि भूषण शर्मा, कृष्ण मोहन पांडे ,बच्चा पासवान आदि थे। वक्ताओं ने बाबा साहब को विश्व के समाजवादी नेता एवं कानून शास्त्री बताया। अंत में डॉ कुमकुम कुमारी को अकादमी का बाबा साहब अंबेडकर राष्ट्रीय फेलोशिप सम्मान से नवाजा गया। बाबू जगजीवन राम राष्ट्रीय पदक रवि भूषण शर्मा को, डॉ अंबेडकर राष्ट्रीय फेलोशिप डॉ श्याम बाबू को देकर सम्मानित किया गया। स्कूली बच्चों द्वारा कई राष्ट्रीय गीत प्रस्तुत किए गए।

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