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प्रशासनिक मिलीभगत से हो रहा अवैध शराब का कारोबार, थानाध्यक्षों व माफियाओं पर हो नरसंहार का केसः वीरेन्द्र गुप्ता

Neelkanth

मोतिहारी। यूथ मुकाम न्यूज नेटवर्क
सिकटा से माले विधायक वीरेन्द्र गुप्ता ने रविवार को जहरीली शराब कांड से पीड़ित व्यक्तियों के परिजनों से मिले और वस्तुस्थिति का जायजा लिया। इसके बाद शहर के एक होटल में प्रेस कांफ्रंेस के दौरान कहा कि शराबबंदी के बावजूद शराब की बिक्री आश्यर्यजनक है। कहा कि यह मानवता के साथ मजाक है, इसमें माफिया व थानाध्यक्षों की मिलीभगत है। इन थानाध्यक्षों व जिम्मेदार कर्मियों पर नरसंहार का केस होना चाहिए। कहा कि शराब के काम में बड़े-बड़े शराब माफिया लगे हैं, इन्हें चिन्हित कर कार्रवाई होनी चाहिए। इनका नेक्सस तोड़े जाने के बाद ही शराबबंदी पूर्णतः सफल हो पाएगी, और गरीब लोगों की जान असमय नहीं जाएगी। कहा कि अवैध शराब का काम एक संगठित गिरोह द्वारा किया जा रहा है, यह काम काफी पहले से हो रहा है, ऐसा नहीं है कि ऐसा काम अचानक हुआ है, इसलिए इस मामले में संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। बिना संबंधित थानाध्यक्षों की मिलीभगत व संरक्षण के इतने बड़े पैमाने पर शराब बिक्री नहीं हो सकती।

 

कहा कि इस हादसे में मरे लोगों के मृतकों के मुआवजे की मांग वे विधान सभा में करेंगे। क्योंकि सभी पीड़ित गरीब परिवार के हैं। उन्होने कहा कि मरने वालो के शव को स्थानीय थानेदार व डीएसपी ने बिना पोस्टमार्टम के जबरन जलावाया। उन पर कारवाई होनी चाहिए।  आश्यर्च की बात यह है कि पुलिस उन्हीं घरों की तलाशी ले रही है जो पीड़ित है, यह कूूर मजाक है। इसकी भी समीक्षा होनी चाहिए कि शराबबंदी कानून को सात साल हो गये, इसलिए इसकी समीक्षा होनी चाहिए कि कानून लागू होने के बाद भी इतने बड़े पैमाने पर शराब का कारोबार कैसे हो रहा है। कहा कि वे इसे नरसंहार मानते हैं और इसके जोरदार आवाज उठाएंगे। वहीं केन्द्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार मनरेगा को बंद करने का प्रयास कर गरीबों का रोजगार बंद कर रही है, इस कारण गरीब मजबूरी में अवैध शराब का कारोबार करने पर विवश हो रही है। कहा कि बिहार सरकार शराब से मरे लोगों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाये और मरने वाले लोगों के परिजनों को मुआवजा दे। प्रेस वार्ता मंे माले नेता भाग्यनारायण चौधरी, प्रभुदयाल सिंह, शंभूनाथ यादव समेत पार्टी के अन्य नेता मौजूद थे।

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