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ब्रह्मकुमारी के संस्थापक पिता श्री ब्रह्मा बाबा का 55वां अव्यक्त दिवस बड़े ही श्रद्धा से मनाया गया

Neelkanth

मीरगंज (गोपालगंज)। अशोक वर्मा
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवा केंद्र पर गुरूवार को प्रजापिता ब्रह्मा बाबा के 55 वें अव्यक्त स्मृति दिवस को विश्व शांति दिवस के रूप में मनाया गया । इस मौके पर सुबह 8ः00 बजे से लेकर 12ः00 तक योग साधना हुआ। इसके बाद मूरली क्लास के बाद ब्रह्माभोजन सभी भाई बहनो ने किया। इस मौके राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सुनीता बहन,अनन्ता बहन,पुलिस पदाधिकारी सब इंस्पेक्टर संजय कुमार,नगर परिषद सभापति पती अरुण केसरी,रबि केसरी, व्यास जी वार्ड पार्षद मुन्ना जी, रंजीत जी, दीप प्रज्वलित कर प्रज्वलित कर पुष्प अर्पित किए। वही पुलिस पदाधिकारी सब इंस्पेक्टर संजय कुमार ने बताया कि ब्रह्मा बाबा के पद चिन्हों पर चलकर अपने जीवन को सफल सार्थक बनाना है। उसके बाद सभी भाई बहनों को प्रसाद वितरण किया गया । इस मौके पर करीब 150 सौ अधिक ब्रह्माकुमार एवं कुमारियां मौजूद थे। सेवा केंद्र प्रभारी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सुनीता बहन ने यज्ञ पिता प्रजापिता ब्रह्मा बाबा की चर्चा की उनकी शिक्षा आज के परिवेश में विश्वशांति एवं सौहार्द को पुनः स्थापित करने के लिए प्रासंगिक है। उन्होंने अपने परोपकारी, निर्भय, निराकारी, निर्विकारी, निरंहकारी, सत्य प्रिय एवं प्रभावशाली व्यक्तित्व से संपूर्ण मानव मानवता को आध्यात्मिक मूल्यों से सर्वश्रेष्ठ बनाने का वृहद कार्य शुरू किया। अब तक 12 लाख से अधिक लोग लाभन्वित हो चुके हैं। आज उन्ही के मार्गदर्शन पर चल कर लाखों लोग अपना जीवन अलौकिक व मूल्यवान बना रहे हैं। ब्रह्माकुमार विनोद भाई ने बताया कि आज इसी गुणों के आधार पर पूरे विश्व में 145 देशों में 9 हजार से अधिक सेवा केंद्र संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि संस्कार परिवर्तन से चरित्र निर्माण संभव है। कार्यक्रम में उपस्थित बीके सुनीता बहन अनन्ता बहन,रिंकी बहन,इन्दू बहन, विनोद भाई,नगर परिषद सभापति पती अरुण केसरी, उपसभापति धनंजय यादव,वार्ड पार्षद पप्पू माँझी,वार्ड पार्षद मुन्ना जी,रघुवर पड़ित,रंजीत जी,व्यास जी विनोद,वार्ड पार्षद सोनू जी,अनिल जी,हिन्दुस्तान पत्रकार सोमेश्वर तिवारी,मंजेश मिश्रा,बूचन माता, कौशल्या माता, शामपति माता, बेबी बहन, मालती माता, झूना माता, कमलावती माता,पूनम माता, कुमकुम माता, तारा माता,ब्रह्मदेव चौधरी,देवेन्द्र भाई,केदार आदि थे

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