बिहार डेस्क। यूथ मुकाम न्यूज नेटवर्क
बिहार के सासाराम में साइबर फ्रॉड का शिकार बनने के बाद एक व्यक्ति ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली है। बताया जाता है कि 42 लाख रुपये उसके खाते में लोन के नाम पर भेजा गया, फिर कुछ देर बाद उस रकम को उड़ा लिया गया। जिससे आहत होकर सासाराम के दरीगांव थाना क्षेत्र के खैरा गांव का रहने वाले अरुण कुमार सिंह ने अपने ही घर में जहर खाकर खुदकुशी कर ली। घटना सामने आने पर इलाके में सनसनी फैल गई।
मृतक अरुण कुमार सिंह ने साइबर फ्रॉड से संबंधित आवेदन दो दिन पहले ही रोहतास के एसपी रौशन कुमार को दिया था। आरोप है कि कोई कार्रवाई नहीं होता देख अरुण ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली। बता दे कि करपुरवा में अरुण कुमार सिंह एक छोटा सा साड़ी का दुकान चलाते थे। उसी दुकान में पूंजी के लिए जेनिथ फाइनेंस नामक एक संस्था से वह संपर्क में आए। उसके द्वारा बंधन बैंक में एक अकाउंट खुलवाया गया।
कपड़े की दुकान के नाम पर अरुण सिंह को 25 लाख लोन का झांसा दिया गया। लेकिन बाद में उनके बंधन बैंक से फोन आया कि आपके अकाउंट से 42 लाख रुपए का साइबर फ्रॉड हो गया है। जिस कारण आपका बैंक अकाउंट को बंद किया जाता है। ऐसे में परेशान होकर अरुण सिंह पहले अपने स्थानीय दरिगांव थाना जाकर इसकी शिकायत करनी चाही। लेकिन दरीगांव थाने के पुलिसकर्मियों द्वारा बताया गया कि यह साइबर फ्रॉड का मामला है। आप डेहरी के जिला साइबर सेल में जाकर अपना कंप्लेन दर्ज कराए।
साइबर सेल डेहरी जाने पर भी जांच की बात कही गई। लेकिन उनका केस दर्ज नहीं किया गया। तब अरुण सिंह ने रोहतास के एसपी से मिलकर आवेदन भी दिया। लेकिन परिजनों का आरोप है कि साइबर फ्रॉड हो जाने के बाद पुलिस द्वारा सहयोग नहीं मिलने से वह हताश हो गए और शाम में घर लौटकर आने पर उन्होंने खुदकुशी कर ली।
वही इस मामले पर सासाराम के एसडीपीओ-1 दिलीप कुमार का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। अरुण सिंह के खुदकुशी करने के बाद परिजन द्वारा कोई आवेदन नहीं दिया गया है। उधर परिजन का कहना है कि साइबर फ्रॉड ने साजिश रच कर बैंक में लोन मंगवा कर 42 लाख उड़ा लिए। बता दें कि मृतक अरुण सिंह की दो बेटियां हैं।



























































