मोतिहारी। यूथ मुकाम न्यूज नेटवर्क
जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल द्वारा आईटीआई सदर मोतिहारी में स्थापित टाटा टेक्नोलॉजी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी के साथ पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात एवं सदर अनुमंडल पदाधिकारी निशांत सिहारा भी उपस्थित मौजूद थे।
निरीक्षण के दौरान COE में उपलब्ध सभी सेटअप, आधुनिक प्रयोगशालाओं (लैब) तथा प्रशिक्षण सुविधाओं का विस्तार से जायजा लिया गया।
जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक के द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रशिक्षण व्यवस्था एवं ट्रेनिंग मॉड्यूल पर संतोष व्यक्त किया तथा COE को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए ।
परियोजना का परिचय
टाटा टेक्नोलॉजी ने बिहार सरकार के साथ मिलकर राज्य के 151 सरकारी आईटीआई कॉलेजों को अपग्रेड करने हेतु एक एमओयू (MOU) पर हस्ताक्षर किया है। यह परियोजना 7 निश्चय – पार्ट 2 के अंतर्गत संचालित की जा रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य इन आईटीआई संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) के रूप में विकसित करना है।
इस प्रोजेक्ट में टाटा टेक्नोलॉजी के साथ 20 से अधिक प्रतिष्ठित इंडस्ट्री पार्टनर कंपनियां भी सहयोग कर रही हैं, जिससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता और उद्योग से जुड़ाव और मजबूत हो सके।
मुख्य उद्देश्य
युवाओं की एम्प्लॉयबिलिटी (रोज़गार क्षमता) में वृद्धि करना।
विद्यार्थियों को इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स से लैस करना।
राज्य में बेरोज़गारी की दर को कम करना।
इंडस्ट्री और स्किल के बीच के गैप को समाप्त करना।
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देना।
आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने में योगदान देना।
आईटीआई सदर मोतिहारी में COE की विशेषताएं
आईटीआई सदर मोतिहारी में स्थापित टाटा टेक्नोलॉजी COE के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक मशीनों, नवीनतम टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्री-स्टैंडर्ड पाठ्यक्रम और प्रैक्टिकल आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इससे छात्र न केवल तकनीकी रूप से सक्षम बन रहे हैं, बल्कि उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर भी प्राप्त हो रहे हैं। यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, मोतिहारी जिले के युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट और रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।





























































