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निगरानी के नाम पर 15 लाख की रंगदारी, CDPO को ट्रैपिंग केस में फंसाने की धमकी

मोतिहारी। यूथ मुकाम न्यूज नेटवर्क

मोतिहारी जिले के केसरिया प्रखंड से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां निगरानी विभाग के नाम पर ठगी और रंगदारी की साजिश रची गई। केसरिया की सीडीपीओ रूपम रानी से एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को निगरानी विभाग का ACP बताकर 15 लाख रुपये की मांग की और रकम नहीं देने पर निगरानी ट्रैपिंग केस में नाम शामिल कराने की धमकी दी।

पूरा मामला तब उजागर हुआ जब सीडीपीओ ने साहस दिखाते हुए सीधे निगरानी विभाग के डीएसपी से संपर्क किया। डीएसपी ने ऐसे किसी व्यक्ति के निगरानी विभाग से जुड़े होने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद सीडीपीओ ने केसरिया थाना में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की।

क्या है पूरा मामला:
सीडीपीओ के अनुसार, 2 जनवरी 2026 को हर्षित कुमार नामक व्यक्ति ने मोबाइल फोन पर संपर्क कर स्वयं को निगरानी विभाग का एसीपी बताया। उसने दावा किया कि 19 दिसंबर को हुई निगरानी ट्रैपिंग कार्रवाई में पकड़ी गई एलएस (LS) ने जांच के दौरान सीडीपीओ का नाम लिया है। आरोपी ने कहा कि यदि चाहें तो सीडीपीओ और उनके कार्यालय कर्मियों का नाम केस से हटवाया जा सकता है, लेकिन इसके बदले 15 लाख रुपये देने होंगे। रकम नहीं देने पर सभी का नाम ट्रैपिंग केस में “सत्य” कर दिए जाने की धमकी दी गई।

पुलिस का बयान:
केसरिया थानाध्यक्ष अनुज कुमार पाण्डेय ने बताया कि आवेदन के आलोक में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपी की पहचान कर विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला न सिर्फ एक अधिकारी को डराने की कोशिश है, बल्कि निगरानी जैसे संवेदनशील विभाग की साख पर हमला भी है। अब देखना होगा कि पुलिस इस शातिर ठग तक कितनी जल्द पहुंच पाती है।

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