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रक्सौल के चार युवकों से विदेश में नौकरी के नाम पर 21.75 लाख की ठगी, अंतरराज्यीय गिरोह का सरगना सद्दाम गिरफ्तार

मोतिहारी। यूथ मुकाम न्यूज नेटवर्क
रक्सौल अनुमंडल के हरपुर उचीडीह गांव के चार युवकों से विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 21 लाख 75 हजार रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। साइबर थाना की पुलिस ने गिरोह के सरगना सद्दाम को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिला अंतर्गत रुद्रापुर का रहने वाला बताया जा रहा है।
साइबर डीएसपी अभिनव पराशर ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने ठगी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। आरोपी ने अपने दो सहयोगियों फैजान अंसारी और इरदिश अंसारी के साथ मिलकर कोलकाता में ठगी का एक फर्जी कार्यालय खोल रखा था, जहां से वह सोशल मीडिया के माध्यम से युवकों को विदेश में नौकरी का झांसा देता था।
इंस्टाग्राम विज्ञापन से शुरू हुई ठगी की कहानी
हरपुर उचीडीह गांव निवासी अरशद अली ने इंस्टाग्राम पर विदेश में नौकरी दिलाने से संबंधित एक विज्ञापन देखा। आर्थिक तंगी के कारण वह विज्ञापन के झांसे में आ गया और दिए गए लिंक के माध्यम से संपर्क किया। इस दौरान उसकी बातचीत फैजान अंसारी से हुई, जिसने उसे विदेश में नौकरी के लिए कोलकाता स्थित ब्रांच में आने को कहा।
इसके बाद अरशद अपने तीन दोस्तों नौशाद आलम, मोहम्मद नूरुल्लाह और सोएब के साथ कोलकाता पहुंचा, जहां उसकी मुलाकात सद्दाम, फैजान और इरदिश से हुई। तीनों ने युवकों को बताया कि लक्जमबर्ग देश का वीजा दिलाया जाएगा और वहां पहुंचने के बाद तीन से चार लाख रुपये मासिक कमाई वाली नौकरी मिल जाएगी।
प्रति व्यक्ति दस लाख रुपये की मांग
आरोपियों ने प्रत्येक युवक से 10 लाख रुपये कमीशन की मांग की और पहले चरण में 50 प्रतिशत राशि जमा करने को कहा। विश्वास में आकर चारों युवकों ने कुल 21.75 लाख रुपये आरोपी सद्दाम के एक्सिस बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए।
पैसे लेने के बाद आरोपियों ने कहा कि वीजा और अन्य दस्तावेज कुरियर के माध्यम से भेज दिए जाएंगे। कुछ दिनों बाद युवकों के पते पर कागजात भी पहुंच गए। दस्तावेज लेकर चारों युवक दिल्ली स्थित एंबेसी पहुंचे, जहां जांच के दौरान पता चला कि सभी कागजात पूरी तरह जाली हैं।
साइबर थाने में दर्ज हुआ मामला
ठगी का एहसास होने के बाद पीड़ित युवकों ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की और लखनऊ से आरोपी सद्दाम को गिरफ्तार कर लिया।
बड़ी मात्रा में फर्जी दस्तावेज और उपकरण बरामद
पुलिस ने आरोपी के पास से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामान बरामद किया है, जिनमेंकृ
एक बांग्लादेशी पासपोर्ट
23 भारतीय पासपोर्ट
एप्पल लैपटॉप
मोबाइल फोन
स्वाइप मशीन
100 से अधिक एग्रीमेंट पेपर
स्कैनर मशीन
शामिल हैं।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
साइबर डीएसपी अभिनव पराशर ने बताया कि गिरोह के दो अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और उन्हें भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
छापेमारी दल में इंस्पेक्टर मनीष कुमार, मुमताज आलम, सिपाही गौतम कुमार, आनंद कुमार भारती, नीरज कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।

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