बिहार डेस्क। यूथ मुकाम न्यूज नेटवर्क
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को कैबिनेट की बैठक में कुल 22 एजेंडों पर मुहर लगाई . टाउनशिप वाले क्षेत्र में भूमि के क्रय विक्रय / हस्तांतरण एवं भूमि का विकास / भवनों के निर्माण से संबंधित सभी कार्यों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का निर्णय लिया गया है. पटना, सोनपुर, गयाजी, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया एवं मुंगेर में चिह्नित टाउनशिप के विशेष क्षेत्र तथा कोर क्षेत्र के लिए मास्टर प्लान अधिसूचित करने के लिए 31 मार्च 2027 तक तथा मुजफ्फरपुर, छपरा, भागलपुर एवं सीतामढ़ी (सीतापुरम) में चिह्नित टाउनशिप के विशेष क्षेत्र तथा कोर क्षेत्र के लिए आयोजना क्षेत्र का विस्तार करते हुए मास्टर प्लान अधिसूचित करने के लिए दिनांक 30 जून 2027 तक भूमि के क्रय विक्रय / हस्तांतरण एवं भूमि का विकास / भवनों के निर्माण से संबंधित सभी कार्यों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का निर्णय लिया है.
उक्त सभी 11 टाउनशिप के नामों एवं अनुशंसित विशेष क्षेत्र तथा कोर क्षेत्र की स्वीकृति प्रदान की गयी है। उक्त कार्य से राज्य में टाउनशिप के विकास से सुनियोजित शहरीकरण एवं मास्टर प्लान- आधारित विकास सुनिश्चित होगा,
जिससे नये आर्थिक गतिविधि केन्द्रों का निर्माण के साथ-साथ राज्य की अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक परिर्वतन होगा साथ ही नये रोजगार का सृजन होगा तथा नागरिकों को उच्च गुणवत्ता वाली शहरी सुविधाएँ मिलेंगी। इस प्रकार इन सैटेलाईट टाउनशिप के विकास से मौजूदा नगरों पर भार कम होगा एवं शहरी विस्तार योजनाबद्ध रूप से हो सकेगा एवं निजी /संस्थागत निवेश में वृद्धि होगी।
सरकार का मानना है कि, इस कार्य से राज्य में टाउनशिप के विकास से सुनियोजित शहरीकरण एवं मास्टर प्लान- आधारित विकास सुनिश्चित होगा. जिससे नये आर्थिक गतिविधि केन्द्रों का निर्माण के साथ-साथ अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक परिर्वतन होगा. साथ ही नये रोजगार का सृजन होगा, नागरिकों को उच्च गुणवत्ता वाली शहरी सुविधाएँ मिलेंगी। इस प्रकार इन सैटेलाईट टाउनशिप के विकास से मौजूदा नगरों पर भार कम होगा. शहरी विस्तार योजनाबद्ध रूप से हो सकेगा. साथ ही निजी एवं संस्थागत निवेश में वृद्धि होगी।
वहीं राज्य सरकार ने विधि-व्यवस्था संधारण, अपराध नियंत्रण, शहरी क्षेत्रों में स्कूल, कॉलेजों, कोचिंग संस्थान आदि से आने-जाने के क्रम में लड़की / महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिस कर्मियों (पुलिस दीदी) के लिए 1500 स्कूटी खरीदने का निर्णय लिया है. प्रति स्कूटी 1,25,000 रू की दर से खऱीद की जायेगी. इस पर 18,75,00,000 (अठारह करोड़ पचहत्तर लाख रू0)खर्च होंगे. साथ ही पुलिस कर्मियों के लिए 3200 मोटरसाईकिल का क्रय किया जायेगा. 1,50,000 लाख रू की दर से खऱीद की जाने वाली बाईक पर कुल 48,00,00,000 (अड़तालीस करोड़ रू०) खर्च होंगे. स्कूटी और बाइक खरीद के लिए कुल राशि ₹ 66,75,00,000 (छियासठ करोड़ पचहत्तर लाख रू0) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है.





















































