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20 लाख के लेनदेन के विवाद में दिनदहाड़े प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या, शूटर्स के सहारे रची गई साजिश

बिहार डेस्क। यूथ मुकाम न्यूज नेटवर्क
बिहार के मुजफ्फरपुर से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां दिनदहाड़े एक प्रॉपर्टी डीलर और राजनीतिक रूप से सक्रिय नेता की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है।
मृतक की पहचान प्रभाकर सिंह (45) के रूप में हुई है, जो जमीन के कारोबार से जुड़े थे और रालोजपा से भी संबंध रखते थे। घटना अहियापुर थाना क्षेत्र के बड़ा जगन्नाथ चौक के पास हुई, जहां सोमवार दोपहर बाइक सवार बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बदमाशों ने करीब चार राउंड फायरिंग की, जिसमें से तीन गोलियां प्रभाकर सिंह को लगीं। गोली लगते ही वह सड़क पर गिर पड़े। आसपास के लोग तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

20 लाख के लेन-देन ने ली जान
इस हत्याकांड के पीछे जमीन के सौदे से जुड़ा विवाद बताया जा रहा है। सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि प्रभाकर सिंह का अहियापुर निवासी तुलसी राय और बखरी निवासी उदय पटेल के साथ लंबे समय से जमीन के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। करीब 20 लाख रुपये की रकम को लेकर यह विवाद गहराता जा रहा था। इस रकम को चुकाने की तारीख 31 मार्च तय की गई थी। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि तय तारीख से ठीक एक दिन पहले ही प्रभाकर सिंह की हत्या कर दी गई।

पत्नी के बयान पर त्वरित कार्रवाई
घटना के बाद मृतक की पत्नी पिंकी कुमारी ने पुलिस में लिखित आवेदन दिया, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर दो लोगों पर आरोप लगाए। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत छापेमारी शुरू की और दोनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की इस हत्या में संलिप्तता सामने आई है। फिलहाल दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और उनसे आगे की पूछताछ जारी है।

शूटर्स के जरिए कराई गई हत्या

प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए पेशेवर शूटरों का सहारा लिया गया। यानी यह हत्या पहले से सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी। पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या इस घटना के पीछे कोई बड़ा आपराधिक गिरोह सक्रिय है। फरार शूटरों की पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस हत्या के लिए कितनी रकम की सुपारी दी गई थी।

हत्या के बाद बवाल, सड़क जाम
घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश देखने को मिला। स्थानीय लोगों और समर्थकों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और मौके पर पहुंची पुलिस टीम से लोगों की तीखी नोकझोंक भी हुई। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए वरीय अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद हालात सामान्य किए जा सके।
पुलिस का कहना है कि यह मामला सिर्फ दो आरोपियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क हो सकता है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य संलिप्त लोगों की पहचान की जा रही है।

 

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