बिहार डेस्क। यूथ मुकाम न्यूज नेटवर्क
बिहार में आज से बिजली बिल से जुड़ा एक बड़ा बदलाव लागू हो गया है। अब उपभोक्ताओं को बिजली की कीमत सिर्फ यूनिट के हिसाब से नहीं, बल्कि इस्तेमाल के समय के अनुसार भी चुकानी होगी।
बिहार में 1 अप्रैल से बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा बदलाव लागू कर दिया गया है। अब बिजली का बिल सिर्फ इस बात पर निर्भर नहीं करेगा कि आपने कितनी यूनिट खर्च की, बल्कि इस बात पर भी तय होगा कि आपने बिजली किस समय इस्तेमाल की। इस नई व्यवस्था को टीओडी (ज्पउम व िक्ंल) टैरिफ कहा जाता है, जिसे खासतौर पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए लागू किया गया है।
इस बदलाव के बाद आम लोगों के बीच इसे लेकर काफी सवाल हैं कि आखिर अब बिजली का बिल कैसे बनेगा और किस समय बिजली सस्ती या महंगी होगी। आइए इसे बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं।
दिन को तीन हिस्सों में बांटा गया है
नई व्यवस्था के तहत पूरे दिन को तीन समय में बांट दिया गया है और हर समय की अलग-अलग दर तय की गई है।
1. सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक (सबसे सस्ता समय)
इस समय बिजली का इस्तेमाल करना सबसे फायदेमंद होगा। इस दौरान उपभोक्ताओं को सिर्फ 2.30 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली मिलेगी। यानी अगर आप अपने ज्यादा काम इसी समय में करते हैं, तो आपका बिल काफी कम आ सकता है।
2. शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक (सबसे महंगा समय)
इसे पीक आवर कहा जाता है, क्योंकि इस समय सबसे ज्यादा लोग बिजली का उपयोग करते हैं। इस दौरान आपको 4.61 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिल देना होगा। हालांकि पहले के मुकाबले यह दर थोड़ी कम हुई है, लेकिन फिर भी यह दिन के मुकाबले महंगी है।
3. रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक (सामान्य दर)
इस समय बिजली की दर सामान्य रहेगी और उपभोक्ताओं को करीब 3.87 रुपये प्रति यूनिट (सरकारी सब्सिडी के बाद) भुगतान करना होगा।
सरकार दे रही है राहत
बिहार सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सब्सिडी भी जारी रखी है। शहरी इलाकों में 125 यूनिट से ज्यादा खपत पर दर 7.17 रुपये प्रति यूनिट तय है, लेकिन इसमें से 3.30 रुपये प्रति यूनिट सरकार दे रही है। इस वजह से आम उपभोक्ताओं को लगभग 3.87 रुपये प्रति यूनिट ही देना पड़ रहा है।भूमि सुधार
यानी दरें बढ़ने के बावजूद सरकार ने कोशिश की है कि लोगों पर ज्यादा बोझ न पड़े।
100 रुपये की खपत का आसान उदाहरण
अगर आपको यह समझना है कि आपके बिल पर इसका क्या असर पड़ेगा, तो इसे इस तरह समझिए
अगर आपने दिन (सुबह 9 से शाम 5 बजे) में 100 रुपये की बिजली इस्तेमाल की, तो आपको सिर्फ 80 रुपये देने होंगे
अगर आपने शाम (5 से 11 बजे) में 100 रुपये की बिजली इस्तेमाल की, तो आपको 110 रुपये देने होंगे
अगर आपने रात (11 से सुबह 9 बजे) में 100 रुपये की बिजली इस्तेमाल की, तो आपको 100 रुपये ही देना होगा
ध्यान देने वाली बात यह है कि व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए यह दर और ज्यादा यानी 120 रुपये तक हो सकती है।
किस पर लागू होगा यह नियम
यह नई व्यवस्था फिलहाल बिहार के करीब 87 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं पर लागू की गई है। जिनके घरों में यह मीटर लगा है, उन्हें अब इसी हिसाब से बिजली बिल देना होगा। कृषि कनेक्शन को इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है।भूमि सुधार
उपभेाक्ताओं को क्या करना चाहिए
अब उपभोक्ताओं को अपनी आदतों में थोड़ा बदलाव करना होगा। अगर आप बिजली का ज्यादा इस्तेमाल दिन में करते हैं, तो आपका बिल कम आएगा। जैसे- कपड़े धोना, मोटर चलाना, इस्त्री करना, अन्य भारी उपकरणों का इस्तेमाल



















































