मोतिहारी। यूथ मुकाम न्यूज नेटवर्क
बिहार सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग द्वारा प्रदर्श कला के लिए राष्ट्रीय स्तर पर दिया जाने वाला 2024 -2025 का राष्ट्रीय सम्मान प्रसिद्ध रंगकर्मी प्रसाद रत्नेश्वर को दिया जाएगा।
बिहार सरकार के इस सर्वाेच्च सम्मान स्वरूप प्रसाद रत्नेश्वर को एक लाख रुपये के साथ स्मृति चिह्न, मोमेंटो, प्रमाण -पत्र, अंगवस्त्र आदि से सम्मानित किया जाएगा। श्
प्रदर्श कला के लिए यह सम्मान राष्ट्रीय स्तर के राज्य एवं राज्य के बाहर के नामचीन कलाकार को दिया जाता है।
इस वर्ष का यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रसाद रत्नेश्वर को 24 सितम्बर को पटना में विभाग द्वारा आयोजित एक भव्य समारोह में मुख्यमंत्री के हाथों मिलेगा। उपमुख्यमंत्री,कला – संस्कृति मंत्री सहित विभाग के आला अधिकारी मंच पर होंगे।
प्रसाद रत्नेश्वर पिछले 41 वर्षों से मोतिहारी,पटना एवं दिल्ली रंगमंच पर सक्रिय है। वे 12 वर्षों तक राज्य सरकार की बिहार संगीत नाटक अकादमी की कार्यसमिति के सदस्य तथा दो वर्षों तक एक कलाविद सदस्य के रूप में इज़ेडसीसी , संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में अपनी सेवाएँ दे चुके है। नाटक के क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त प्रसाद रत्नेश्वर का नाटक श् निलही कोठी श् विदेसिया लोक नाट्य शैली का नाटक है जिसका राष्ट्रीय स्तर पर मंचन हो चुका है। इसके अलावा कविता, ग़ज़ल, शोध प्रबंध, शोध पत्र संग्रह एवं जीवनी की पाँच पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। दिल्ली में बिहार महोत्सव एवं संयुक्त चम्पारण में चम्पारण महोत्सव के आयोजन को आरंभ करने का इन्हें श्रेय प्राप्त है।
थारु जनजाति को विश्व की एक नई सभ्यता के रूप में चीन के विश्व मंच पर प्रस्तुतिकरण इनकी अन्यतम उपलब्धियों में शामिल है।
प्रसाद रत्नेश्वर ने बताया कि इस सम्मान का महत्व यह है कि 150 वर्षाे के मोतिहारी रंगमंच के इतिहास में कई पीढ़ियों के गुजर जाने के बावजूद यहाँ के किसी रंगकर्मी को एक राज्यस्तरीय राजकीय सम्मान प्राप्त नहीं हुआ था। इस राष्ट्रीय सम्मान के साथ शुरुआत हो रही है।
























































