Home न्यूज फाइलेरिया उन्मूलन महाभियान 11 से, डीएम ने की तैयारी की समीक्षा

फाइलेरिया उन्मूलन महाभियान 11 से, डीएम ने की तैयारी की समीक्षा

मोतिहारी। यूथ मुकाम न्यूज नेटवर्क

जिले में सर्जन दवा सेवन कार्यक्रम (MDA) को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से को जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक उनके कार्यालय कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में DPM, ICDS, DPRO, JEEViKA, पिरामल, WHO सहित सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में निर्देश दिया कि 11 फरवरी 2026 को आयोजित मेगा कैंप के माध्यम से लगभग 30 लाख लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कराया जाए तथा इसके बाद 10 फरवरी से 27 फरवरी 2026 तक चलने वाले एमडीए अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाया जाए।
डीएम महोदय ने ICDS विभाग को आंगनबाड़ी सेविकाओं के माध्यम से घर-घर जागरूकता फैलाने एवं दवा सेवन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया।
जिला पंचायत राज पदाधिकारी को पंचायत स्तर पर मुखिया, वार्ड सदस्य एवं जनप्रतिनिधियों के सहयोग से अभियान को जन आंदोलन का रूप देने को कहा गया।
वहीं JEEViKA को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से समुदाय में प्रचार-प्रसार करने, स्वयं तथा अपने परिवार का दवा सेवन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया।
डीएम ने स्पष्ट कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति दवा सेवन से वंचित नहीं रहना चाहिए। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ मेगा कैंप एवं बूथ माइक्रो प्लान के अनुसार कार्य करते हुए नियमित मॉनिटरिंग एवं रिपोर्टिंग सुनिश्चित करें।
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 3268 डीए (DA) टीमें कार्य करेंगी, जिनमें 5021 आशा कार्यकर्ता एवं 1348 वालंटियर शामिल हैं। इनके सुपरविजन हेतु 331 आशा फैसिलिटेटर तैनात किए गए हैं।
महाभियान को सफल बनाने के लिए जिलाधिकारी ने ICDS एवं JEEViKA के साथ समन्वय स्थापित कर शीघ्र बूथ माइक्रो प्लान तैयार करने के निर्देश दिए, साथ ही ADR नियंत्रण हेतु रैपिड रिस्पॉन्स टीम (RRT) के गठन का भी निर्देश दिया गया।
बैठक में बताया गया कि जिले की कुल जनसंख्या 74,10,740 है, जिसमें से 63,00,000 पात्र जनसंख्या एमडीए कार्यक्रम के अंतर्गत आती है।
एमडीए अभियान 10 फरवरी से 27 फरवरी 2026 तक चलेगा।
महाभियान के तहत 11 फरवरी 2026 को सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर बूथ के माध्यम से ICDS, JEEViKA एवं जनप्रतिनिधियों के सहयोग से दवा सेवन कराया जाएगा, जिसमें लगभग 30 लाख लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित है।
उक्त कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु स्वास्थ्य विभाग, ICDS, DPRO, JEEViKA, पिरामल एवं WHO के साथ जिलाधिकारी मोतिहारी की अध्यक्षता में समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि फाइलेरिया एक विकलांगता उत्पन्न करने वाली गंभीर बीमारी है, जिसे समय पर दवा सेवन से रोका जा सकता है। सभी विभाग पूरी जिम्मेदारी से कार्य करें ताकि जिला फाइलेरिया मुक्त बनाया जा सके।

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