मोतिहारी। अशोक वर्मा
मानव जीवन 84 लाख योनियों के बाद में प्राप्त होता है इस योनि में ही मनुष्य ईश्वर की भक्ति कर सकता है और मुक्ति को प्राप्त हो सकता है जो भगवान का गुणगान करते हैं और नित्य सुबह उठकर भगवान रूपी अपने माता-पिता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं उस मानव की आयु बढ़ती है और यश में वृद्धि होती है ऐश्वर्य बढ़ता है, उक्त प्रवचन श्री वृंदावन धाम से पधारी राजनंदनी किशोरी जी ने मधु पदमा विवाह भवन में चल रहे श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिवस पर श्रद्धालुओं को सुनाया ,उन्होंने ध्रुव जी महाराज के पावन चरित्र का वर्णन करते हुये कहा कि राजा उत्तानपाद की दो पत्नियों थी एक का नाम था सुनीति दूसरे का नाम था सुरुचि! सुनीति बड़ी धर्मात्मा थी इन्हीं के पुत्र ध्रुव जी महाराज थे ! एक दिन ध्रुव जी महाराज ने जिद कर दिया की मां मुझे अपने पिता के गोद में बैठना है मना करने के बाद भी ध्रुव जी महाराज राज दरबार चले गए जैसे पिता के गोद में बैठना चाहे उनकी सौतेली मां जिसका नाम सुरुचि था धक्का देकर नीचे गिरा देती है ध्रुव जी महाराज रोते-रोते अपनी मां के पास आए सारा हाल बताया उनकी मां ने कहा बेटा तेरी छोटी मां ने पिता की गोद में नहीं बैठने दिया जा मैं आशीर्वाद देती हूं तुम्हें परमपिता अपने गोद में बैठाएगा !
अपनी मां से आशीर्वाद लेकर के वन की यात्रा करते हैं 5 वर्ष के ध्रुव जी महाराज नारद जी महाराज रास्ते में मंत्र देते उपदेश दिया और ध्रुव जी महाराज 5 महीने की कठोर तपस्या से भगवान का दर्शन प्राप्त करते हैं और भगवान ने वरदान दिया कि 36000 वर्ष तक तुम राजा बनोगे और अंत में ध्र्रुव लोक के मालिक बनोगे आगे पंचम स्कंध में जड़ भरत जी की कथा सुनाएं और छठे स्कंद में अजामिल की प्यारी कथा सुनाई आजमील नामक ब्राह्मण अपिश के संसर्ग से दूषित हो चुका था जीवन भर उसने पाप किया संतो के कहने से अपने छोटे बेटे का नाम नारायण रख दिया यमदूत जब लेने के लिए आए तो अजामिल ने पुकारा बेटा नारायण रक्षा करो बेटा तो नहीं सुना लेकिन भगवान नारायण ने अपने दोस्तों को भेज करके अजामिल की रक्षा की और आगे भक्त प्रहलाद की कथा सुनाएं अगर विश्वास हो जीवन में तो भगवान खंबा फाड़ कर के भी प्रकट हो जाते हैं हिरण कश्यप के पुत्र थे भक्त प्रहलाद जिनकी रक्षा करने के लिए नरसिंह भगवान खंबा फाड़ करके प्रकट हो गए थे और अपने भक्त प्रहलाद के रक्षा की साथ में वृंदावन से पधारे भी बहुत ही प्यारी झांकी हिरण कश्यप वध की झांकी का दर्शन हुआ नरसिंह भगवान की झांकी को देखकर सारे भक्तगण मंत्र मुग्ध हो गए! मौके पर कुशल कुमार ,ऐश्वर्या कुमारी, मिस्टी कुमारी ,धीरज कुमार, लड्डू कुमार ,राजू जी सहारा ,कार्यक्रम संयोजक अमित कुमार पिंटू, राम भजन ,उमेश मेहता आदि लोग उपस्थित रहे!

























































