अनु जाति जनजाति अत्याचार निवारण अनुश्रवण की बैठक में अधिकारियों को दिए ये निर्देश, एसडीएम ने की पूर्व के प्रस्तावों की समीक्षा

    मोतिहारी। यूथ मुकाम न्यूज नेटवर्क
    मोतिहारी सदर अनुमंडल स्तरीय अनु जाति जनजाति अत्याचार निवारण अनुश्रवण सह सतर्कता समिति की बैठक अध्यक्ष सह अनुमंडल पदाधिकारी सदर मोतिहारी श्वेता भारती की अध्यक्षता में उनके कार्यालय प्रकोष्ठ में हुई। बैठक में पूर्व में लिए गए प्रस्ताव की समीक्षा की गई। राजू बैठा मुखिया सह सदस्य ने अनु जाति जनजाति संशोधित अधिनियम 2018 की धारा 18(1) ए एवं 18,(2)का, अनुपालन करने , रैन बसेरा अभियान का प्रचार प्रसार करने, अनुमंडल क्षेत्र के सभी थानों में वर्ष 2018 से अब तक एससी- एसटी एक्ट के तहत दर्ज लम्बित मामले में अतिशीघ्र चार्जशीट फाइल करने, तथा चार्जशीट की प्रति पीड़ित को उपलब्ध कराने का अगले बैठक में स्पेशल पीपी को बैठक में शामिल होने का प्रस्ताव दिया। विधायक विशाल कुमार शाह ने एससी एसटी एक्ट और रूल्स का सभी अधिकारियों को नियमानुसार कारवाई करने, एससी एसटी के लिए चलाई जा रही योजनाओं का लाभ उन तक समय पर पहुंचने का निर्देश अधिकारियों को दिया। बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों से कारण पृच्छा करने का प्रस्ताव दिया गया। अध्यक्ष साह अनुमंडल पदाधिकारी सदर ने सभी अंचल अधिकारी, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं सभी थानाध्यक्ष को अगले बैठक में अपने अपने विभाग का डाटा के साथ शामिल होने का निर्देश दिया। डीएसपी सदर 1 ने सभी थाना प्रभारी को निर्देश दिया कि सभी प्रस्ताव का सख्ती से पालन किया जाए तथा पीड़ित के हर कार्यवाही से नियमानुसार अवगत कराया जाए। बैठक में अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी , मनोज कुमार अकेला सदस्य, अलका मांझी सदस्य, राजू बैठा मुखिया सह सदस्य, रामदेव राम मुखिया सह सदस्य, किरण राम सदस्य बीडीओ कोटवा, तुरकौलिया बंजरिया सुगौली पिपरा कोठी मोतिहारी,अंचलाधिकारी पिपराकोठी कोटवा बंजरिया,सुगौली तुरकौलिया तथा थानाध्यक्ष नगर, छतौनी, मुफ्फसिल पिपराकोठी कोटवा बंजरिया तुरकौलिया सहित कई अधिकारी शामिल हुए। विदित हो कि उक्त बैठक में सांसद विधायक, विधान पार्षद सहित डीएसपी सदर 1, 2 एवं मुख्यालय सदस्य है। एकमात्र माननीय विधायक विशाल कुमार शाह बैठक में शामिल हुए, बैठक मे सदर 2 एवं मुख्यालय डीएसपी भी शामिल नहीं हुए। अनु जाति जनजाति के पीड़ितों के लिए एकमात्र समिति है उसमें भी माननीय एवं अधिकारियों के अनुपस्थिति से एससी एसटी के लोगो को न्याय मिलने में देरी एवं उत्थान बाधित हो रहा है।

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