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विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग और आस्था की हिलोरेंः डुमरिया घाट ओवरब्रिज के नीचे उमड़ी श्रद्धालुओं की अपार भीड़, गूंजा हर-हर महादेव

बिहार डेस्क। यूथ मुकाम न्यूज नेटवर्क
तमिलनाडु के महाबलीपुरम से चला विश्व का सबसे विशाल शिवलिंग अब बिहार की धरती पर शिवभक्ति की लहर दौड़ा रहा है। गोपालगंज में विश्राम के बाद डुमरिया घाट ओवरब्रिज के नीचे से शिवलिंग को केसरिया की ओर रवाना किया गया, जहां इसे देखने और दर्शन करने के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं दिखी। बुजुर्ग, महिलाएं, युवा और बच्चे सभी शिवमय नजर आए।

इस दौरान पूरा इलाका हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर फूलों की वर्षा, दूध से जलाभिषेक और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। शिवलिंग के गुजरने का दृश्य किसी महोत्सव से कम नहीं था।

इस पावन अवसर पर नीतीश सरकार में मंत्री अशोक चौधरी, पटना महावीर मंदिर के सचिव सायन कुणाल, बड़ी संख्या में संत-महात्मा और अयोध्या से आए संतों का जत्था मौजूद रहा। संतों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजा संपन्न कराई और बिहार की सुख-समृद्धि की कामना की।
मंत्री अशोक चौधरी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि “यह हमारा परम सौभाग्य है कि महावीर मंदिर न्यास समिति द्वारा निर्मित विराट रामायण मंदिर में स्थापित होने वाले विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग के दर्शन और पूजा का अवसर प्राप्त हुआ। महादेव बिहार को सुख, समृद्धि और खुशहाली प्रदान करें।”

दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम से करीब एक महीने पहले रवाना हुआ था। जो अब बिहार के गोपालगंज पहुंचा हुआ है। इस दौरान पूरा क्षेत्र शिवभक्ति में डूबा दिखा। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के नारे गूंजे। इस दौरान जेसीबी से शिवलिंग पर फूलों की बारिश की गई। वहीं शिवलिंग के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। दूध से जलाभिषेक किया गया। इस दौरान नीतीश सरकार में मंत्री अशोक चौधरी पटना महावीर मंदिर के सचिव सायन कुणाल सहित बड़ी संख्या में संत-महात्मा मौजूद रहे। अयोध्या से भी संतों की टोली गोपालगंज पहुंची है। जिन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न की।

 

आपको बता दें गोपालगंज के रास्ते मोतिहारी के कल्याणपुर प्रखंड के कैथवलिया के लिए प्रस्थान करेगा। पूर्वी चंपारण स्थित कल्याणपुर प्रखंड के कैथवलिया के विराट रामायण मंदिर में स्थापित होने के लिए महाबलीपुरम से 21 नवंबर को रवाना किया गया था, और तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार के सीमा गोपालगंज पहुंच गया है। एक दिन विश्राम के बाद शिवलिंग गोपालगंज के बलथरी के लिए रवाना होगा।

शिवलिंग का निर्माण तमिलनाडु के महाबलीपुरम के पट्टीकाडु गांव में दस साल से हो रहा था। 33 फीट का शिवलिंग एक ब्लैक ग्रेनाइट मोनोलिथ पत्थर से निर्मित है। सड़क मार्ग से इसे 21 नवंबर को महाबलीपुरम से 96 चक्का वाले ट्रक से पूर्वी चंपारण स्थित विराट रामायण मंदिर के लिए रवाना किया गया था। एसीईओ श्री मिश्रा ने बताया कि 17 जनवरी को यह शिवलिंग विराट रामायण मंदिर में स्थापित हो जाएगा। उस दिन शिवलिंग की पीठ पूजा होगी। पीठ पूजन, हवन के बाद शिवलिंग को विराट रामायण मंदिर में स्थापित कर दिया जाएगा। शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा बाद में होगी।

10 सालों का अथक परिश्रम
कलाकारों के 10 साल के परिश्रम से यह शिवलिंग तैयार हुआ है। शिवलिंग का वजन 210 मीट्रिक टन है और इस पर 1008 सहस्त्रलिंगम तैयार किया गया है। रामायण मंदिर का निर्माण महावीर मंदिर न्यास समिति से कराया गया है। विराट रामायण मंदिर का प्रवेश द्वार, गणेश स्थल, सिंह द्वार, नंदी, शिवलिंग, गर्भ गृह का पाइलिंग (नींव) आदि का काम पूरा हो गया है। आकार में यह मंदिर 1080 फीट लंबा और 540 फीट चौड़ा होगा। इसमें कुल 18 शिखर और 22 मंदिर होंगे और मुख्य शिखर की ऊंचाई 270 फीट, चार शिखर की ऊंचाई 180 फीट, एक शिखर की ऊंचाई 135 फीट, आठ शिखर की ऊंचाई 108 फीट और एक शिखर की ऊंचाई 90 फीट होगी। विराट रामायण मंदिर विश्व का सबसे बड़ा मंदिर होगा।

10 साल की साधना, 210 टन आस्था

यह शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम स्थित पट्टीकाडु गांव में कलाकारों के 10 वर्षों के अथक परिश्रम से तैयार हुआ है।

ऊंचाईः 33 फीट
वजनः 210 मीट्रिक टन
पत्थरः ब्लैक ग्रेनाइट मोनोलिथ
विशेषताः 1008 सहस्त्रलिंगम की अद्भुत नक्काशी

21 नवंबर को इसे 96 चक्का वाले विशेष ट्रक से सड़क मार्ग द्वारा रवाना किया गया था, जो तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार पहुंचा है।

17 जनवरी को होगा ऐतिहासिक स्थापना
महावीर मंदिर न्यास समिति के एसीईओ श्री मिश्रा ने बताया कि 17 जनवरी को शिवलिंग की पीठ पूजा, हवन के बाद विराट रामायण मंदिर में स्थापना की जाएगी। प्राण प्रतिष्ठा बाद में संपन्न होगी।
पूर्वी चंपारण के कल्याणपुर प्रखंड के कैथवलिया में बन रहा विराट रामायण मंदिर आकार में दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर होगाकृ

लंबाई- 1080 फीट, चौड़ाई- 540 फीट

कुल- 18 शिखर और 22 मंदिर

मुख्य शिखर की ऊंचाई- 270 फीट

 

 

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