बिहार में नीट छात्रा की मौत के मामले ने सियासी तापमान बढ़ाया, राजद ने किया प्रदर्शन, सीएम व एचएम के इस्तीफे की मांग

    बिहार डेस्क। यूथ मुकाम न्यूज नेटवर्क
    बिहार की राजधानी पटना के हॉस्टल में नीट छात्रा की मौत के बाद कथित रेप एवं हत्या का मामले ने बिहार के सियासी तापमान को बढ़ा दिया है। लालू एवं तेजस्वी यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल की ओर से बुधवार को पटना में प्रदर्शन किया गया। आरजेडी की महिला कार्यकर्ताओं ने नीतीश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क पर मार्च निकाला। बिहार में कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और गृह मंत्री सम्राट चौधरी से इस्तीफे की मांग की।
    आरजेडी महिला प्रकोष्ठ की ओर से पटना में वीरचंद पटेल मार्ग स्थित पार्टी कार्यालय से से इनकम टैक्स गोलंबर तक बुधवार को मार्च निकाला। कार्यकर्ताओं ने हाथों में पोस्टर और चूड़ियां लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने नीतीश और सम्राट के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की।

    राजद की महिला प्रदेश अध्यक्ष अनिता भारती ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि बिहार में महिलाओं के खिलाफ अपराध में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। मगर नीतीश सरकार हाथ पर हाथ धरे हुए बैठी है। उन्होंने कहा कि एनडीए कार्यकाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। एनडीए के नेता अपराधी और माफिया को संरक्षण दे रहे हैं। बिहार की राजधानी तक में महिलाएं और बेटियां सुरक्षित नहीं हैं।

    बता दें कि पिछले दिनों पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की एक छात्रा अपने कमरे में बेहोश पाई गई थीं। 11 जनवरी को एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पहले इसे आत्महत्या का मामला बताया। मगर घर वालों ने रेप और हत्या का आरोप लगाया। जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो उसमें छात्रा से यौन उत्पीड़न की बात को नकारा नहीं गया।
    ऐसा ही एक और मामला भी पटना से आया है, जहां औरंगाबाद की एक नीट छात्रा शहर के ही एक अन्य हॉस्टल में मृत पाई गई थी। उसे भी आत्महत्या का मामला बताया गया। मगर परिजन ने आरोप लगाया है कि उसके साथ हॉस्टल वार्डन समेत अन्य लोग प्रताड़ित कर रहे थे।

    इन मामलों के बाद पटना में गर्ल्स हॉस्टल में रहने वालीं लड़कियों की सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। इस बीच, बिहार महिला आयोग ने पटना डीएम से शहर में गर्ल्स हॉस्टल के लिए मौजूदा गाइडलाइन और नियमों की जानकारी मांगी है। आयोग का कहना है कि छात्रावास संचालक इन नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं, यह जांच का विषय है।

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