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डीएम ने किया बाल विवाह मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखा रवाना, किया जाएगा जागरूक

मोतिहारी। यूथ मुकाम न्यूज नेटवर्क
जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन की सहयोगी संस्था ग्राम नियोजन केन्द्र, पूर्वी चम्पारण द्वारा बाल विवाह उन्मूलन के उद्देश्य से संचालित बाल विवाह मुक्ति रथ अभियान का विधिवत शुभारंभ जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल द्वारा हरी झंडी दिखाकर समाहरणालय परिसर से किया गया।
यह बाल विवाह मुक्ति रथ आगामी दिनों में पूर्वी चम्पारण जिले के विभिन्न ग्रामों एवं पंचायतों में भ्रमण करते हुए आमजन को बाल विवाह के सामाजिक, शारीरिक एवं मानसिक दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेगा तथा समुदाय को इस कुप्रथा के विरुद्ध संगठित करेगा।
इस अभियान में विभिन्न सरकारी विभाग एवं संस्थाएं जैसे आईसीडीएस, महिला एवं बाल विकास निगम, डिस्ट्रिक्ट हब फॉर एम्पावरमेंट आफ विमेन, चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) तथा जिला बाल संरक्षण इकाई सक्रिय रूप से सहभागिता निभा रही हैं। इन सभी एजेंसियों के समन्वय से बाल विवाह की पहचान, रोकथाम एवं पीड़ित बच्चों के संरक्षण हेतु प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
शुभारंभ समारोह के अवसर पर आईसीडीएस की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (क्च्व्) महोदया एवं डिस्ट्रिक्ट हब फॉर वीमेन एम्पावरमेंट की नोडल पदाधिकारी महोदया ने आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बाल विवाह की घटनाओं की सतत निगरानी करें तथा किसी भी संभावित बाल विवाह की सूचना संबंधित विभागों को तुरंत उपलब्ध कराएं, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
जिला पदाधिकारी महोदय ने कहा कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और यह बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा एवं भविष्य को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने जिले के सभी नागरिकों, पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं स्वयंसेवी संगठनों से आह्वान किया कि वे इस अभियान को जन आंदोलन बनाते हुए पूर्वी चम्पारण को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने में अपना सक्रिय योगदान दें।
ग्राम नियोजन केन्द्र, पूर्वी चम्पारण के प्रतिनिधियों ने बताया कि यह अभियान केवल जागरूकता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके माध्यम से गांव-गांव में बैठकें, रैली, शपथ कार्यक्रम, पोस्टर प्रदर्शन एवं जनसंवाद आयोजित किए जाएंगे, जिससे समाज के प्रत्येक वर्ग तक यह संदेश पहुंचे कि लड़कियों की शादी 18 वर्ष के बाद एवं लड़कों की शादी 21 वर्ष के बाद ही होनी चाहिए।
इस अवसर पर जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, महिला एवं बाल विकास के पदाधिकारीगण, महिला सशक्तिकरण से जुड़े अधिकारी, चाइल्ड हेल्पलाइन प्रतिनिधि, ग्राम नियोजन केन्द्र के कार्यकर्ता एवं अन्य सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
ग्राम नियोजन केन्द्र, पूर्वी चम्पारण यह विश्वास करता है कि जिला प्रशासन एवं सभी सहयोगी संस्थाओं के साथ मिलकर चलाया गया। यह अभियान बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के उन्मूलन की दिशा में एक निर्णायक कदम सिद्ध होगा।

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