मोतिहारी। यूथ मुकाम न्यूज नेटवर्क
शहर के हेनरी बाजार से गिरफ्तार की गई सिमरन साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा निकली। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि सिमरन अपने पार्टनर आशीष के साथ दिल्ली में लिव-इन में रह रही थी और वहीं एक फर्जी कंपनी खोलकर साइबर ठगी के पैसों का लेन-देन कर रही थी।
भागलपुर के कहलगांव निवासी एक बैंककर्मी से 1.10 करोड़ रुपये की ठगी मामले की जांच के दौरान पुलिस सिमरन तक पहुंची। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह पिछले कुछ वर्षों से आशीष के साथ रह रही थी और दोनों मिलकर फर्जी कंपनी के जरिए ठगी का नेटवर्क चला रहे थे।
सिमरन का परिवार शिक्षित है और वह खुद तकनीकी क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त है, लेकिन उसने अपनी तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल साइबर अपराध में किया। पुलिस ने उसके पास से दो मोबाइल फोन और दर्जनभर सिम कार्ड बरामद किए हैं, जिनका उपयोग फर्जी कंपनी संचालन और ठगी के लेन-देन में किया जा रहा था। गिरोह के छह से सात सदस्य अभी भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
मंगलवार को भागलपुर साइबर पुलिस टीम ने नगर थाना के सहयोग से मोतिहारी में छापेमारी कर सिमरन को गिरफ्तार किया था।
ऐसे हुआ गिरोह का पर्दाफाश
मुंबई के एक व्यक्ति की शिकायत के बाद इस बड़े साइबर ठगी कांड का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि दिल्ली में ‘चेक बाउंस कराने वाली कंपनी’ के नाम पर फर्जी बैंक खाता खुलवाया गया था। इसी खाते में एक ही महीने में अलग-अलग खातों से 2.50 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे। एक खाते में 24 लाख रुपये ट्रांसफर होने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस को अहम सुराग मिला और जांच की कड़ी मोतिहारी तक पहुंच गई।
ट्रेडिंग के नाम पर ठगी
आरोपियों ने कहलगांव के बैंककर्मी को अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर ट्रेडिंग कंपनी में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। अलग-अलग किश्तों में कुल 1.10 करोड़ रुपये निवेश कराए गए। रकम मिलने के बाद आरोपियों ने संपर्क तोड़ लिया।
पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और फरार सदस्यों की तलाश जारी है।

























































