मोतिहारी। यूथ मुकाम न्यूज नेटवर्क
भारत-नेपाल सीमा से सटे पूर्वी चंपारण जिले में नकली नेपाली मुद्रा के बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। नेपाल पुलिस और पूर्वी चंपारण पुलिस की संयुक्त टीम ने जिले के पतौरा गांव में छापेमारी कर नकली नेपाली नोटों का बड़ा जखीरा और उन्हें छापने में इस्तेमाल होने वाली प्रिंटिंग मशीनें व अन्य उपकरण जब्त किए हैं। यह कार्रवाई रविवार रात करीब 8 बजे की गई।
मुफस्सिल थाना प्रभारी अंबेश कुमार ने बताया कि यह छापेमारी नेपाल में एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मिली ठोस सूचना के आधार पर की गई। नेपाल में गिरफ्तार आरोपी रवि श्रीवास्तव नकली नेपाली मुद्रा छापने और सीमा क्षेत्रों में उसे खपाने वाले संगठित गिरोह से जुड़ा हुआ था।
थानाध्यक्ष के अनुसार, नेपाल पुलिस से मिले फीडबैक के बाद नेपाल पुलिस की एक टीम स्थानीय पुलिस के सहयोग से पतौरा गांव पहुंची और एक किराए के मकान में छापेमारी की। इस दौरान नकली नेपाली नोट, प्रिंटिंग मशीन, स्याही, कागज और अन्य सामग्री बरामद की गई, जिनका इस्तेमाल जाली नोट तैयार करने में किया जा रहा था।
सूत्रों के मुताबिक, यह गिरोह काफी लंबे समय से सक्रिय था और स्थानीय कैरियरों के जरिए नेपाल के कई सीमावर्ती जिलों में नकली नेपाली करेंसी की आपूर्ति कर रहा था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2024 और 2025 के अंत तक बिहार के विभिन्न हिस्सों से नकली मुद्रा की लगातार बरामदगी हुई है। जांच में सामने आया है कि इनमें से कई मामले भारत-नेपाल सीमा पर सक्रिय अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।
गौरतलब है कि 30 नवंबर 2025 को देश की शीर्ष जांच एजेंसी एनआईए ने भी पूर्वी चंपारण के चकिया, हरपुर और अदापुर थाना क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले कोयला बेलवा, उचिडीह और आरारा गांवों में छापेमारी की थी। ये छापे साइबर फ्रॉड, नकली मुद्रा और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में संदिग्धों की तलाश के लिए डाले गए थे।
एनआईए की कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि भारत-नेपाल सीमा के दोनों ओर फैला नकली करेंसी और तस्करी का जाल इन इलाकों को गहराई तक प्रभावित कर चुका है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़कर बड़े सरगनाओं तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।


























































