मोतिहारी। यूथ मुकाम न्यूज नेटवर्क
सीमावर्ती क्षेत्रों को राष्ट्र की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में Vibrant Villages Programme-II (VVP-II) के तहत जिले के 12 रणनीतिक गांवों के समग्र विकास की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। योजना लागू होने के साथ ही इन गांवों में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका और पर्यटन जैसी बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार होगा।
प्रशासनिक स्तर पर किए गए अंतर-विश्लेषण (Gap Analysis) के आधार पर चयनित गांवों की आवश्यकताओं को चिन्हित किया गया है, जिसके अनुसार प्राथमिकता के आधार पर विकास योजनाएं लागू की जाएंगी। इन योजनाओं का उद्देश्य सीमावर्ती आबादी को मूलभूत सुविधाओं से संतृप्त करना और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है।
इन 12 रणनीतिक गांवों पर विशेष फोकस
कार्यक्रम के तहत जिले के छह सीमावर्ती प्रखंडों के 12 गांव शामिल हैं—
आदापुर – चन्द्रमन
बनकटवा – बिजबनी
छौड़ादानो – धर्मनगर, महुआवा, परसा
घोड़ासहन – बरवा खुर्द, जमुनिया कवैया, झरोखर, समनपुर
ढाका – परसा
रक्सौल – भरतमही, पनटोका
इन गांवों को सीमा सुरक्षा, जनसंख्या स्थिति और विकासीय जरूरतों के आधार पर रणनीतिक रूप से चयनित किया गया है।
पलायन रुकेगा, गांवों में ही मिलेंगे अवसर
योजना के क्रियान्वयन से—
स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित होंगे
कौशल प्रशिक्षण के अवसर बढ़ेंगे
लघु एवं कुटीर उद्योग को बढ़ावा मिलेगा
कृषि आधारित आजीविका मजबूत होगी
इससे सीमावर्ती आबादी का शहरी क्षेत्रों की ओर पलायन रुकने की उम्मीद है।
पर्यटन और संस्कृति को भी मिलेगा बढ़ावा
कार्यक्रम के तहत चयनित गांवों में पर्यटन संभावनाओं का विकास किया जाएगा, जिससे—
स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी
पारंपरिक कला-संस्कृति को संरक्षण मिलेगा
सीमावर्ती क्षेत्रों की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित होगी
योजनाओं का होगा पूर्ण संतृप्तिकरण
प्रशासन का लक्ष्य है कि केंद्र व राज्य सरकार की सभी संचालित योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक शत-प्रतिशत पहुंचे। संसाधनों के समुचित उपयोग के साथ विभागवार परियोजनाएं अनुमानित राशि सहित तैयार की गई हैं, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।




























































