मोतिहारी। यूथ मुकाम न्यूज नेटवर्क
महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार, पटना के आदेशानुसार 2026 को राजेंद्र सभागार में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम, निषेध एवं निवारण अधिनियम, 2013(POSH Act) विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य कार्यस्थलों पर सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना एवं अधिनियम के प्रावधानों से पदाधिकारियों को अवगत कराना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सौरभ जोरवाल DM, पूर्वी चंपारण, नितिन त्रिपाठी सचिव DLSA, पूर्वी चंपारण, आशीष कुमार नगर आयुक्त, श्री शैलेन्द्र भारती जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त डॉ प्रदीप कुमार, जिला सूचना एवं जन संपर्क पदाधिकारी, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी ICDS एवं राज्य स्तरीय प्रशिक्षक सी3 श्रीमती गुंजन कुमारी उपस्थित रहे।
कार्यशाला मे उपस्थित सभी गणमान्य पदाधिकारियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया। इसके पश्चात् जिला परियोजना प्रबंधक महिला एवं बाल विकास निगम द्वारा कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्य की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी महोदय द्वारा संबोधन के दौरान सभी पदाधिकारी को निदेश दिया कि कार्यस्थल पर महिलाओं को सुरक्षित वातारण उपलब्ध कराने हेतु सभी सरकारी एवं निजी संस्थाओं की जवाबदेही है। सचिव महोदय DLSA पूर्वी चंपारण के द्वारा सभी कार्यस्थलों पर आंतरिक शिकायत समिति गठित करने की बात कही गई। साथ ही कानूनी प्रावधानों के बारे मे बताया गया। कार्यशाला में राज्य स्तरीय प्रशिक्षक श्रीमती गुंजन के द्वारा POSH अधिनियम 2013 के बारे विस्तृत जानकारी दी गई ।कार्यशाला में जिले के सभी जिला स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों ने भाग लिया तथा POSH Act, 2013 से संबंधित प्रावधानों, आंतरिक शिकायत समिति के गठन, दायित्वों एवं शिकायत निवारण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। कार्यशाला में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों की उपस्थिति रही।
प्रतिभागियों को POSH Act से संबंधित गाइडलाइन, पंपलेट, फाइल, डायरी, पेन उपलब्ध कराए गए। कार्यक्रम के अंत में POSH Act के विशेषज्ञ गुंजन कुमारी द्वारा प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान किया गया। कार्यक्रम में जिला स्तरीय सभी पदाधिकारी, सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, सभी LEO एवं महिला एवं बाल विकास निगम के सभी कर्मी उपस्थित रहे।
पॉश (POSH) एक्ट 2013 (कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न – रोकथाम, निषेध और निवारण अधिनियम) भारत सरकार द्वारा 9 दिसंबर 2013 को पूरे देश में लागू किया गया था। यह कानून कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संसद द्वारा पारित किया गया था, जो विशाखा दिशानिर्देशों (1997) का स्थान लेता है।


























































