मुजफ्फरपुर का रहने वाला है गिरोह का ट्रेनर, पटना,वैशाली,समस्तीपुर में एसआईटी की ताबड़तोड़ छापेमारी
मोतिहारी। यूथ मुकाम न्यूज नेटवर्क
पुलिस मित्र की बहाली के नाम पर बेरोजगार युवकों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले के दूसरे नामजद आरोपी नीरज वर्मा को पुलिस ने मुजफ्फरपुर के भारत माता गली से गिरफ्तार किया है। वह कोटवा थाना में दर्ज मामले का आरोपी है।
एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है। इससे पहले बुधवार को चिरैया के दीपही शेख टोली निवासी मो. अफसर को गिरफ्तार किया गया था। दोनों आरोपी इस ठगी गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं। पुलिस ने इस गिरोह के मास्टर माइंड की पहचान कर ली है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।
गिरोह के सभी सदस्यों को पकड़ने के लिए दो विशेष जांच टीम (ैप्ज्) का गठन किया गया है, जो पटना, वैशाली, समस्तीपुर समेत कई जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
मुजफ्फरपुर में देता था युवकों को फर्जी ट्रेनिंग
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार नीरज वर्मा इस गिरोह का ट्रेनर था। जिन बेरोजगार युवकों से बहाली के नाम पर एडवांस राशि ली जाती थी, उन्हें मुजफ्फरपुर बुलाकर ट्रेनिंग दी जाती थी, ताकि उन्हें किसी तरह का संदेह न हो। ट्रेनिंग के बाद युवकों को थाने ले जाकर आईकार्ड पहनाया जाता था और उन्हें 16 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने का झांसा दिया जाता था।
डीजीपी के फर्जी लेटर से की गई ठगी
युवकों को विश्वास में लेने के लिए गिरोह ने बिहार पुलिस के डीजीपी के नाम से फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार किया था। उसी फर्जी लेटर को दिखाकर बेरोजगार युवकों से पैसे ऐंठे गए। अब तक पूर्वी चंपारण के करीब 44 युवकों से मोटी रकम वसूले जाने की बात सामने आई है।
इस ठगी को इतनी चालाकी से अंजाम दिया गया कि थानों में तैनात पुलिस पदाधिकारी भी शुरुआत में इसे पहचान नहीं पाए।
पुलिस मित्र बहाली के नाम पर ठगी रू तीन फरार आरोपियों पर ₹10-10 हजार का इनाम
पुलिस मित्र की बहाली के नाम पर ठगी करने वाले तीन फरार आरोपियों पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। समस्तीपुर, वैशाली और पटना जिले के रहने वाले इन तीनों बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए एसपी ने दस-दस हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है।
एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि इनाम घोषित किए गए आरोपियों में पटना जिले के बिहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत सहवाजपुर निवासी राकेश कुमार उर्फ जितेंद्र, समस्तीपुर जिले के सतुआजपुर सामुदायिक भवन के पास रहने वाला धर्मेंद्र कुंवर, तथा वैशाली जिले के सैदासपुर निवासी अशोक सम्राट शामिल हैं।
तीनों आरोपी फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। उनकी गिरफ्तारी को लेकर गठित एसआईटी लगातार छापेमारी कर रही है। एसपी ने फरार आरोपियों की तस्वीरें भी जारी की हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपियों के संबंध में सटीक सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा तथा सूचना के सत्यापन के बाद इनाम की राशि प्रदान की जाएगी।

























































