बच्चों की शिक्षा, बाल विवाह व यौन उत्पीड़न रोकने के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता
– कई बार मिली जान मारने की धमकी, मगर तनिक भी विचलित नहीं हुई यह बहादुर लड़की

फीचर डेस्क। यूथ मुकाम न्यूज नेटवर्क
दिव्या को भारत की दूसरी मदर टेरेसा कहा जाना गर्व की बात होगी । इनकी समाज के प्रति विचारधारा, लगाव, सोच , कार्य पुर्णतः मदर टेरेसा के समान है इस लिए दिव्या बरार को भारत कि दूसरी मदर टेरेसा कहाँ जाना कोई असंगत की बात नहीं होगी। दिव्या बरार हरियाणा के फतेहाबाद जिले के एक छोटे से गाँव दौलतपुर के निवासी सुभाषचंद्र की सुपुत्री है जो अभी 12 वीं की पढ़ाई उच्च मध्य विद्यालय फतेहाबाद में कर रहीं हैं । अपनी पढाई के अलावा घर के कामों से समय निकाल कर समाज सेवा में लग जाती है। बताते चलंे कि दिव्या बचपन से ही शिक्षा ग्रहण करने में अग्रसर और अपने विद्यालय में अव्वल रहीं हैं। सकारात्मक ऊर्जा और कलात्मक अभिव्यक्ति के साथ आसमान में उन्मुक्त पंछी की तरह उडान भर रहीं हैं

यही कारण है कि वो अपने आस पास के बच्चे बच्चियों को मुफ्त में शिक्षा देने के साथ साथ शिक्षा सााग्री प्रदान करतीं हैं।
दिव्या अपने क्षेत्र के बुलंद उडान एनजीओ से काफी लम्बे समय से जुड़ी हुई है और बच्चों के सभी अधिकार के लिए एकजुट होकर लड़ रहीं हैं।

समाजवादी विचारधारा से प्रेरित दिव्या अपने गाँव के अलावा बगल के सभी गावों में घुमकर हो रहे बाल मजदूरी को रोकती है।उन्होंने अपनीे टीम के साथ मिलकर दर्जनों बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त कराया और लगभग 697 बच्चों का सरकारी विद्यालय में नामांकन करवाया। इतना ही नहीं दिव्या ने अपनी बुलंद उडान एनजीओ के टीम के साथ मिलकर समाज के खिलाफ जाकर 20 बच्चियों का बालविवाह रोकने में सफलता प्राप्त की, जिसे लेकर जान से मार देने की धमकी तक मिल चुकी है। इसके बावजूद दिव्या अपने लक्ष्य पर अडिग खड़ी है । बुलंद उडान एनजीओ से लगाव और समाज के प्रति कार्य करने की लगन से इनको पहचान मिल रहा है और एनजीओ का कहना है कि दिव्या बहुत लगनशील छात्रा है जो हमेशा खुद के बारे में न सोच कर अशिक्षित बच्चों को शिक्षित करने और समाज को उचित मार्ग पर लाने में लगी रहती है ।
गाँव समाज में लडकियों और महिलाओं के प्रति नकारात्मक दृष्टि के बावजूद और अपने घर से इजाजत नहीं मिलने के बावजूद भी दिव्या ने लगभग पंद्रह यौन उत्पीड़न से संबंधित समस्याओं को समाप्त किया है। समाजवादी विचारधारा और समाज के लिए इनके कार्य को देखते हुए कई अवार्ड और सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। अब दिव्या को आस पास के लोगों और समाज में सम्मान मिलने लगा है। साथ ही लोग इन्हें भारत की दूसरी मदर टेरेसा के नाम से जानने लगे हैं । जो इनके लिए और बुलंद उडान एनजीओ के लिए गर्व की बात है ।

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