Home न्यूज प्राइवेट स्कूल संचालकों के लिए जानलेवा बनती जा रही सरकार की अनदेखी,...

प्राइवेट स्कूल संचालकों के लिए जानलेवा बनती जा रही सरकार की अनदेखी, विशेष आर्थिक सहायता को ले आंदोलन को चेताया

मोतिहारी। यूथ मुकाम न्यूज नेटवर्क
’प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन’ ऑफ टीचर्स वेलफेयर,पूर्वी चंपारण ने बिहार की नवगठित सरकार से सुरक्षा गाइड लाइन के तहत निजी स्कूलों को पुनः संचालित करने एवं आरटीई की लम्बित राशि के भुगतान करने की मांग की है,साथ ही इस सम्बंध में एक ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष भूषण कुमार एवं सचिव सन्तोष कुमार रौशन ने बताया कि निजी स्कूलों के लगातार बिगड़ती दयनीय हालत को लेकर संघ ने पिछले कई महीनों से देश व राज्य की सरकार को अवगत कराते आ रही है। बावजूद इसके निजी स्कूलों से जुड़े लाखों लोगों की सरकार द्वारा अनदेखी किया जाना घोर आश्चर्यजनक है।
संघ के जिला संयोजक शिवकिशोर सिंह, कोषाध्यक्ष अभय कुमार मिश्रा, एन के राही, कौशल किशोर ने बताया कि निजी स्कूलों में वेतन के अतिरिक्त अन्य आवश्यक खर्च जिसमे स्कूल भवन का किराया,गाड़ियों का मासिक किश्त, मेंटेनेंस, बिजली बिल,व्यवसायिक टैक्स के बोझ तले सभी निजी विद्यालय दब चुके हैं, तथा अत्यंत मानसिक तनाव में है जो अब जानलेवा भी साबित हो सकता है, एसोसिएशन ने सरकार से स्कूल के बच्चों के संख्या के अनुसार एक वर्ष का विशेष आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है, नही तो अब लाखों की संख्या में निजी स्कूल सड़क पर पर उतरकर संवैधानिक रूप से आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

 

Previous articleभाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राधामोहन सिंह ने रेलवे महाप्रबंधक से यात्री सुविधाओं व सुगौली-वैशाली रेल लाइन को लेकर किया विमर्श
Next articleअर्नब गोस्वामी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बांबे हाईकोर्ट को फटकारा, राज्य सरकार को भी दी नसीहत, कहा- आपराधिक कानूनों को हथियार न बनायें