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खेलः दंगल गर्ल गीता फौगाट की ममेरी बहन रितिका की आत्महत्या के मामले में खुलासा, इस वजह से फंदे से लटकी

पुलिस ने तोड़ा था बंद दरवाजा, करवाई थी वीडियोग्राफी, पांच साल से सीख रही थी पहलवानी के गुर, रितिका के आत्महत्या मामले में उसके फूफा ने खुलासा किया

खेल डेस्क। यूथ मुकाम न्यूज नेटवर्क
दंगल गर्ल गीता और बबीता फौगाट की ममेरी बहन रितिका के आत्महत्या मामले में उसके फूफा ने खुलासा किया है। उसके फूफा और द्रोणाचार्य अवार्डी महाबीर सिंह फौगाट ने बताया कि रितिका 14 मार्च की शाम फाइनल मुकाबले में हार गई थी और तब से अवसाद में थी। बताया कि भरतपुर से गांव पहुंचने तक रास्ते में रितिका ने कुछ भी नहीं खाया। घर पर भी बिना कुछ खाए अपने कमरे में चली गई। रात 9 बजे जब रितिका की बुआ उसे खाना देने कमरे में गईं तब भी उसने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद कमरे के रोशनदान से देखा तो रितिका ने फंदा लगाया था। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने रितिका को फंदे से नीचे उतारा और पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया।

पुलिस ने तोड़ा था बंद दरवाजा, करवाई थी वीडियोग्राफी
महाबीर सिंह फौगाट ने बताया कि जिस समय रितिका ने आत्महत्या की, उस समय कमरे का दरवाजा बंद था। जब परिजनों ने इस घटना के बारे में पुलिस को सूचित किया तो पुलिस ने ही आकर कमरे के दरवाजे को तोड़ा था। इसकी वीडियोग्राफी भी करवाई गई थी। इसके बाद पुलिस कर्मचारियों ने शव को फंदे से उतारा था।

भीलवाड़ा की माया माली से हारी थी रितिका
पहलवान रितिका भरतपुर के लोहागढ़ स्टेडियम में 14 मार्च को फाइनल मुकाबले में भीलवाड़ा की पहलवान माया माली से हार गई थी। उसके फूफा महाबीर फौगाट भी वहां मौजूद थे। मुकाबले के बाद महाबीर फौगाट ने विजेता पहलवानों को सम्मानित भी किया था।

परिजनों के बयान पर इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की है। अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई हे। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट मिलने पर अगली कार्रवाई की जाएगी। – अजित सिंह, एएसआई, विवेचनाधिकारी

वहीं चरखी दादरी के डीएसपी राम सिंह बिश्नोई ने बताया कि रितिका ने 17 मार्च को आत्महत्या कर ली थी। इसके पीछे राजस्थान में हाल ही में हुए कुश्ती टूर्नामेंट में उनकी हार हो सकती है। अभी जांच चल रही है।

पांच साल से सीख रही थी पहलवानी के गुर
रितिका ने सोमवार रात अपने फूफा महाबीर फौगाट के गांव बलाली में फंदा लगाकर जान दे दी थी। रितिका ने भरतपुर में हुए कुश्ती के फाइनल मुकाबले में हारने के बाद यह कदम उठाया था। 17 साल की रितिका अपने फूफा पहलवान महाबीर फौगाट की बलाली स्थित अकादमी में पांच साल से प्रशिक्षण ले रही थी। रितिका ने 12 से 14 मार्च तक भरतपुर के लोहागढ़ स्टेडियम में राज्य स्तरीय सब-जूनियर, जूनियर महिला और पुरुष कुश्ती प्रतियोगिता में भाग लिया था। 14 मार्च को हुए फाइनल मुकाबले में रितिका हार गई थी।