Home न्यूज मेहसी के कई विद्यालयों में बाल संसद एवं मीना मंच का गठन,...

मेहसी के कई विद्यालयों में बाल संसद एवं मीना मंच का गठन, बच्चों के विकास में मिलेगी मदद

मोतिहारी/मेहसी। अशोक वर्मा
मेहसी प्रखंड क्षेत्र की परतापुर पंचायत स्थित मझौलिया उत्क्रमित उच्च विद्यालय, दिवजीत परसौनी पंचायत के दिवाजित मध्य विद्यालय और बखरी नाज़िर पंचायत के रजुआ मध्य विद्यालय में बच्चों में नेतृत्व क्षमता, निर्णय में भागीदारी, व्यक्तित्व का विकास , आनंदमयी वातावरण, विद्यालय एवं बच्चों को साफ सुथरा रखने एवं विद्यालय के प्रबंधन , छिजित बच्चों को स्कूल से जोड़ने तथा शिक्षा के विकास में बच्चों को भागीदार बनाने हेतु माहौल तैयार करने की गरज से बाल संसद और मीना मंच का गठन किया गया। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास निगम , यूनिसेफ के सहयोग से सेव द चिल्ड्रेन द्वारा संचालित उड़ान प्रोजेक्ट के जिला समन्वयक हामिद रजा ने बताया कि बैठक में विद्यालय से बाहर रह रहे बच्चों को मीना मंच और बाल संसद के प्रतिनिधियों को पुनः विद्यालय लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई और इसके लिए बच्चों के बीच रणनीति बनाई गई। श्री रज़ा ने बताया कि गठन के दौरान बाल श्रम को रोकने के उपाय पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान एल सी डी और साउंड सिस्टम
के माध्यम से बाल श्रम, बाल विवाह , खेल को बढ़ावा देने, चिमकी बुखार से बचाव के तरीकों पर वीडियो दिखाए गए और ओडियो सुनाए गए।

बाल संसद और मीना मंच के गठन के मझौलिया विद्यालय से परतापुर बाजार तक श्रम रोकने के लिए बच्चों की एक रैली निकाली गई जिसमें बच्चों ने निम्नलिखित नारे लगाते हुए परतापुर बाजार का भ्रमण किया।
1. मेहनत मजदूरी नही कराओ
इन हाथों में कलम थमाओ
2. अभी तो हमको करनी है पढ़ाई
मत कराओ हमसे कसरत और कमाई
3. चलो मिलकर हाथ बढ़ाएं
बाल मजदूरी को जड़ से मिटाएं
4. बाल मजदूरी अभिशाप है।
बच्चों से मज़दूरी कराना पाप है ।
इस कार्यक्रम में बी आर पी फ़िरोज़ आलम, प्रधानाध्यापक बीरेंद्र कुमार,रामशंकर प्रसाद, उमेश कुमार, शिक्षक शम्भू कुमार,शंकर बैठा, नसरीन बेगम, अवंतिका कुमार सहित अन्य शिक्षकों का सराहनीय भागीदारी रही।

Previous articleसेना भर्ती में देरी को लेकर सड़क पर उतरे छात्र-नौजवान, किया विरोध-प्रदर्शन, की यह मांग
Next articleपिपरा में बोलेरो नहीं मिलने पर विवाहिता की गला दबा हत्या, भाई के सामने जला रहे थे शव, विरोध करने पर मारपीट