Home न्यूज शत्रु गाजर घास बनेगी पर्यावरण मित्र, पार्थेनियम से बनेगा वर्मी कम्पोष्ट

शत्रु गाजर घास बनेगी पर्यावरण मित्र, पार्थेनियम से बनेगा वर्मी कम्पोष्ट

पीपराकोठी। राजेश कुमार सिंह

मानव स्वास्थ्य व पर्यावरण के लिए अबतक खतरनाक बने घातक गाजर घास पार्थेनियम हिस्टेरोफोरस अब पर्यावरण मित्र बनेगी। अमेरिका व कनाडा से आयातित गेहूं के साथ आए इस खतरनाक खरपतवार के बीज तेजी से फैल पर्यावरण व जीव जंतुओं के लिए वैसस खतरा बना था, जिसका कोई समाधान नहीं था।

परंतु आखिरकार वैज्ञानिकों ने यह पता लगा ही लिया जिसके लिए शायद वह धरती पर आया है। गाजर घास के पौधे अब जैविक खाद के रूप में यूरिया का विकल्प बनेंगे। खास बात कि पार्थेनियम की जैविक खाद में अन्य उर्वरकों की तुलना में नाइट्रोजन व अन्य पोषक तत्व अधिक पाए जाते हैं, लिहाजा घातक गाजर घास मृदा की उर्वरा शक्ति को बढ़ाने का भी काम करेगी।
केविके प्रमुख डॉ.अरबिंद कुमार सिंह ने बताया कि दरअसल, मौजूदा दौर में गाजर घास खेती किसानी, पशुओं, पर्यावरण ल जैवविविधता के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही। वहीं रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग से बिगड़ते हालात के बीच भूमि की उर्वरा शक्ति में लगातार गिरावट बड़ी चुनौती बन रही। रसायनिक खाद व कीटनाशकों के बढ़ते चलन तथा पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य पर दुष्प्रभावों के मद्देनजर वैज्ञानिकों ने शत्रु खरपतवार गाजर घास से जैविक खाद बना उसे पर्यावरण व किसान मित्र बनाने को पहल तेज कर दी है। गाजर घास के फूल खिलने से पहले ही पौधों को उखाड़ गड्ढों में भरकर 15 दिन में जैविक खाद हासिल की जा सकती है।
गाजरघास कम्पोस्ट एक ऐसी जैविक खाद है, जिसके प्रयोग से फसलों, मनुष्यों व पशुओं पर कोई भी प्रभाव नहीं पड़ता है। कम्पोस्ट बनाने पर गाजरघास की जीवित अवस्था में पाया जाने वाले विषाक्त रसायन पार्थेनिन का पूर्णतरू विघटन हो जाता है।
गोबर से ज्यादा नाइट्रोनरूशोध के मुताबिक गाजरघास से बनी कम्पोस्ट में मुख्य पोषक तत्वों की मात्रा गोबर से दोगुनी व केंचुआ खाद के लगभग होती है। ऐसे में गाजर घास की खाद बेहतर विकल्प बन सकती है।
गाजर घास के बर्मी कम्पोष्ट के पोषक तत्वरूनाइट्रोजन-1.05 प्रतिशत, फॉस्फोरस-10.84,पोटेशियम-1.11,कैल्शियम-0.90,
मैग्नीशियम-0.55

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