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सीएम नीतीश ने की कैबिनेट की बैठक, 19 एजेंडों पर मुहर, मोतिहारी सदर अस्पताल के दो चिकित्सक बर्खास्त

बिहार डेस्क। यूथ मुकाम न्यूज नेटवर्क
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक हुई, जिसमें कुल 19 महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगी है। रेप एवं पॉक्सो विशेष न्यायालय के लिए 54 अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है.

बिहार में शराबबंदी को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए दो पहिया, चार पहिया वाहन, नाव, मोटर बोट, ट्रैक्टर एवं ड्रोन के भाड़ा एवं इंधन भुगतान के लिए ₹25करोड़ की अग्रिम स्वीकृति दी गई.पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, मुंगेर विश्वविद्यालय, पूर्णिया विश्वविद्यालय तथा पटना विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक, सह प्राध्यापक, प्राध्यापक के 370 पद तथा शिक्षकेतर कर्मियों के 89 पद, कुल 459 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है. इन पदों के सृजन के बाद नव स्थापित तीन विश्वविद्यालयों के स्नातकोत्तर विभाग में तथा पटना विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग में पठन-पाठन की व्यवस्था ठीक से हो सकेगी . नए विश्वविद्यालयों में स्नातकोत्तर विभाग के स्थापित होने के बाद शोध कार्यों को बढ़ावा मिलेगा.सरकारी मेडिकल कॉलेजों के इंटर की छात्रवृत्ति में वृद्धि की गई है . अब सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों के इंटर को ₹20000 प्रति माह, पटना दंत महाविद्यालय के इंटर्न को 20,000, आयुर्वेदिक यूनानी एवं होम्योपैथिक के इंटर्न को 20,000, फिजियोथेरेपी के इंटर्न को ₹15000 प्रतिमाह मिलेंगे.

मोतिहारी सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉक्टर प्रभाकर कुमार को 2015 से लगातार अनुपस्थित रहने की वजह से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. मोतिहारी सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ प्रभात प्रकाश को 27 जुलाई 2014 से लगातार अनुपस्थित रहने के आरोप में सेवा से बर्खास्त किया गया है. बिहार कॉलेज आफ फिजियोथैरेपी पटना के लिए 21 पद, विकलांग विकलांग भवन अस्पताल कंकड़बाग के लिए 45 पद, एवं कृत्रिम अवयव निर्माण केंद्र कंकड़बाग के लिए 3 पद अर्थात तीनों मिलाकर विभिन्न कोटि के 67 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है .इस पर तीन करोड़ 31 लाख का खर्च आयेगा.वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के अंतर्गत प्राचीन भारतीय इतिहास एवं एशियाई अध्ययन विषय में स्नातकोत्तर विभाग के लिए 6 शिक्षकों के पद तथा शिक्षकेतर कर्मियों के लिए 6 पद यानी कुल 12 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है. बिहार अग्निशमन सेवा के पुनर्गठन से पूर्व सृजित राजपत्रित-अराजपत्रित कोटि के 7 पदों का सरेंडर एवं विभिन्न कोटि के 155 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है.

बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के अंतर्गत ग्रिड सब स्टेशनों के बाकी बचे फीडरों में एबीटी मीटर की स्थापना के साथ ऑनलाइन डाटा संचार और ऑनलाइन डाटा निगरानी का प्रावधान एवं अंकेक्षण के लिए 72 करोड़ 50 लाख रुपए की योजना की स्वीकृति दी गई है.बिहार में सूखा के मद्देनजर किसानों को राहत देते हुए प्रति लीटर डीजल पर ₹75 का अनुदान होगा. खरीफ फसलों की 1 एकड़ क्षेत्र में एक सिंचाई के लिए 10 लीटर डीजल खपत के अनुसार 750 रू प्रति एकड़ सिंचाई की दर से अनुदान दिए जाएंगे. एक किसान को जूट के लिए दो सिंचाई के लिए 750 रू प्रति एकड़ की दर से तथा धान मक्का अन्य खरीफ फसलों के एक ही खेत के लिए अधिकतम 3 सिंचाई यानी कुल 2250 रू प्रति एकड़ की दर से डीजल अनुदान मिलेगा .एक किसान को अधिकतम 8 एकड़ के लिए डीजल अनुमान देय होगा. यानी अगर एक किसान के पास 8 एकड़ जमीन है तो उसे डीजल अनुदान मद में 18000 रू मिलेंगे। कैबिनेट ने डीजल अनुदान के लिए पहले 29 करोड़ 95लाख रुपए की स्वीकृति दी थी. अब 60 लाख रू की अग्रिम राशि की निकासी एवं व्यय की स्वीकृति दी गई है.

बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के अंतर्गत गोदाम चौकीदार के 20 पदों को सरेंडर किया गया है। अब सहायक अभियंता विद्युत के 6 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के तहत सप्लाई चौन मैनेजमेंट के क्रियान्वयन के लिए 3 वर्षों में कुल 66 करोड़ 95 लाख रुपए की व्यय की स्वीकृति दी गई है. मुख्यमंत्री तालाब मत्स्यकी विकास योजना के लिए 57 करोड़ 97 लाख 45 हजार की अनुमानित लागत पर योजना तथा व्यय की स्वीकृति दी गई है. उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए सड़क संपर्क योजना के तहत औरंगाबाद, गया, जमुई एवं लखीसराय में 28 सड़क एवं 13 पुल निर्माण कार्य और उसके रखरखाव के लिए 242 करोड़ और 60 लाख ₹19000 की योजना की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है.

 

 

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