Home न्यूज क्रिसमस की चहल-पहल पर भारी रहा कोरोना, मोतिहारी के चर्च रहे वीरान

क्रिसमस की चहल-पहल पर भारी रहा कोरोना, मोतिहारी के चर्च रहे वीरान

मोतिहारी। अशोक वर्मा
क्रिश्चियन धर्मावलंबियों का सबसे बड़ा पर्व क्रिसमस इस बार करोना वायरस के मार से बिल्कुल सूने-सूनेे से रहे कहीं भी भीड़ भाड़ का नजारा नहीं रहा। बरियारपुर का सन्त फ्रांसिस असीसी चर्च जहां कभी मेला का नजारा रहता था, इस बार वहां का मुख्य द्वार भी बंद रहा और चर्च के फादर जरम ने बताया कि इस बार करोना के कारण चर्च परिसर के बाहर ही मोमबत्ती जलाने की व्यवस्था की गई है और गेट के अंदर आम लोगों का प्रवेश इस बार वर्जित है। खास-खास जो लोग आने वाले अतिथि होते हैं उनके लिए ही बारी-बारी से गेट खोल कर उनकी प्रवेश हो रही है। चर्च के अंदर प्रभु यीशु के जन्म स्थल को भी तालाबंदी के अंदर दिखाया गया था।

 

जिला के सभी प्रखंडवार सूची बनाकर उठाये गए राशि उठाने के लिए भेजा जा रहा नोटिस। किसानों के द्वारा जमा कराए गए आधार

चर्च परिसर जहंा कभी आज के दिन काफी हलचल होती थी वह बिल्कुल खमोशी और सन्नाटा था। हाल के अंदर कुर्सियां तो लगी थी लेकिन कुर्सियां खाली खाली ही थी और बिल्कुल वीरानी छाई हुई थी। यह चर्च बरियारपुर मे अवस्थित है। निश्चित है। इस संत फ्रांसीसी चर्च के रूप में इसकी प्रसिद्धि सिर्फ जिले ही नहीं बल्किजिले के बाहर भी है। दूसरा चर्च मोतिहारी से मधुबनी घाट रोड में मिशन चैक पर स्थित है। उस चर्च के कारण है इस चैक का नामकरण मिशन चैक पड़ा । यह मोतिहारी का सबसे पुराना मिशन है और उसके दरवाजे पर एक बोर्ड लगा हुआ है जिस पर स्पष्ट नोटिस के रूप में लिखा हुआ है कि यहां पर अभी आराधना बंद है। चर्च के अंदर कोई भी दिखाई नहीं दिया और इसके देखरेख करनेवाले फादर विनय जोसेफ ने बताया कि हम लोगों को नियम का पालन करना जरूरी होता है। कोरोना के कारण इस वर्ष यहां पर प्रार्थना का कोई आयोजन नहीं किया गया है। आम लोगों के लिए अंदर आने जाने की व्यवस्था नहीं है। प्रोटेस्टेड चर्च के फादर ने बताया कि पूरे विश्व के लिए यह वर्ष एक चुनौतीपूर्ण है।चर्च स्थापना वर्ष 1903 के बाद पहली बार ऐसा हो रहा है कि चर्चा सुना है, और यहां पर इस बार सामूहिक प्रार्थना बंद कर दी गई है।

Previous articleश्रीराम जन्म भूमि मन्दिर निर्माण फंड संग्रह को समिति बनी, मन्दिर निर्माण  में सभी की सहभागिता पर बल
Next articleविहिप व बजरंगदल ने मनाया तुलसी दिवस, बच्चों को सनातन धर्म की जानकारी देने पर बल